Category: Story In Hindi

Chudail ki kahani | चुड़ैलो आत्माओं की सच्ची घटनाओं कि काहांनियाँ

हाइवे की चुड़ैल Chudail ki kahani:-सूरत के रहने वाले जिग्नेश पिछले साल नवरात के दिनों में कार ले कर अपने दोस्त दीपक के साथ सूरत से जामनगर आ रहे थे। रात के दो बजे होने के कारण रास्ता काफी सुनसान था। गाड़ी 70 किमी की रफ्तार से दौड़ रही थी और गाड़ी में तेज़ म्यूज़िक

Shiv Vivah Katha | शिव और पार्वती के विवाह की कथा

Shiv Vivah Katha:-जब शिव और पार्वती का विवाह होने वाला था, तो एक बड़ी सुंदर घटना हुई। उनकी शादी बहुत ही भव्य पैमाने पर हो रही थी। इससे पहले ऐसी शादी कभी नहीं हुई थी। शिव – जो दुनिया के सबसे तेजस्वी प्राणी थे – एक दूसरे प्राणी को अपने जीवन का हिस्सा बनाने वाले

मेरा प्यार मिल जाए..

मैं प्राइवेट कंपनी में अकाउंटेंट की जॉब करती हूं। मैं सचिन से बहुत प्यार करती हूं। हमारी दोस्ती 8 साल से है और वह भी मुझसे बहुत प्यार करता है। मेरी मुलाकात उससे 8 साल पहले मेरी किसी फ्रेंड के जरिए हुई थी। हम बेस्ट फ्रेंड बन गए और मुझे पता ही नहीं चला कि

आज तक हमें प्यार जताना नहीं आया

प्यार करने और जाहिर करने में बहुत फर्क होता है। प्यार करने के मामले में लव स्कूल का प्रिंसपल हूं मैं, पर उसे जाहिर करने के नाम पर तो जैसे पिछले कई साल से मैं नरर्सी का ही स्टूडेंट हूं जिसे कोई टीचर सिर्फ इसलिए नहीं पास कर रहा क्योंकि मैं आज तक प्यार जाहिर

प्यार ने दिया जीवन का लक्ष्य

मैं जब 7वीं क्लास में पढ़ता था तब मुझे प्यार हुआ। मेरी क्लास में एक बहुत ही खूबसूरत लड़की पड़ती थी। उसे देखकर ही मुझे अपनी जिंदगी का असली लक्ष्य मिला। उस वक्त में पढ़ाई में काफी कमजोर था और वह अच्छे नंबर लाती थी। मैं उसे इंप्रेस करना चाहता था। उसे इंप्रेस करने का

हमें मिलना ही था…

आपको शायद मेरी प्रेम कहानी बहुत फिल्मी लगे पर यही सच है मेरी प्रेम कहानी का। मैंने उनको कभी नहीं देखा था, न ही कभी विदेश जाने का सपना देखा था। मै तो बस आगे पड़ना चाहती थी पर माँ पापा मेरी शादी करवाना चाहते थे एक दिन मैंने भी गुस्से में आकर कह दिया

उसकी ना के बाद भी उसकी हां का इंतज़ार है

इन 5 सालों में ज़िंदगी इतनी बदल गई पर उसके बिना जीना नहीं सीखा पायी। आज भी मैं चाहती हूं कि 5 साल वापस जाकर अपनी ज़िंदगी के वो हसीन पल फिर से उसके साथ जी लूं। वो लम्हे अभी भी मेरे जेहेन में कायम हैं। मैं उसे पसंद करने लगी थी। एक दिन मैंने

वो तेरा मुझसे यूं टकरा जाना

सिटी बसों का सफर भी बड़ा मजेदार होता है इस शहर में। लेडीज सीट पर जेंट्स, डिसएबल सीट पर हेल्दी और विधायक सीट तो जैसे कब से किसी विधायक के आने का इंतजार कर रही हो। इसमें चढ़ने के लिए भी एक खास ट्रिक है। बस भीड़ का हिस्सा बन जाइए बाकी का काम लोग

काश! हमें इज़हार करना आता

वह मेरे सामने खड़ी थी, आसमान से उतरी किसी परी की तरह। मेरी नजरों को जैसे उसने कैद कर लिया था। मैं उसे घूरे जा रहा था। अचानक हाथ से चाय का ग्लास छूटने पर मैं सकपकाया और एक नजर उसने भी मुझे देखा। चाय की दुकान वाले से ग्लास के पैसे काट लेने की

दिल की बात कहने में बहुत वक्त लगाया

आज कई साल बाद जब वो मुझे मॉल में मिली तो पुरानी यादें ताजा हो गईं। नजरें मिलते ही इसी मॉल की सीढ़ियों पर बैठकर चाय की चुस्कियां लेते हुए घंटों गप्पे मारना याद आने लगा। तब हम सिर्फ अच्छे दोस्त थे। सभी को लगता था कि हमारे बीच कुछ पक रहा है। लेकिन, इन
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