Category: भूतो की काहानियाँ

Aatma ki kahaniya | आत्माओं भूत प्रेतो की सच्ची काहांनियाँ

आत्माओ को कैद Aatma ki kahaniya:-आज हम आपको ऐसे टापू के बारे में बताने जा रहे है जो अपने विशेष आकर्षण के कारण पुरे विश्व में मशहूर है | यह टापू मेक्सिको में स्थित है जहा पेड़ पर लटकी अजीबोगरीब शक्लो वाली गुडियों को देखकर आपके पांवो तले जमीन खिसक जायेगी | यह टापू आपको

Chudail ki kahani | चुड़ैलो आत्माओं की सच्ची घटनाओं कि काहांनियाँ

हाइवे की चुड़ैल Chudail ki kahani:-सूरत के रहने वाले जिग्नेश पिछले साल नवरात के दिनों में कार ले कर अपने दोस्त दीपक के साथ सूरत से जामनगर आ रहे थे। रात के दो बजे होने के कारण रास्ता काफी सुनसान था। गाड़ी 70 किमी की रफ्तार से दौड़ रही थी और गाड़ी में तेज़ म्यूज़िक

सर कटे भूत से हुआ सामना

हमारे घर के पास में एक ऐसा घर है जिसे मैंने कभी खुला नहीं देखा | इस घर को लोग प्रेतबाधित बताते है और कोई भी वहा जाने की हिम्मत नहीं करता है | इस घर के खिड़की दरवाजे सब टूटे हुए थे | एक दिन स्कूल से आने के बाद मैंने और मेरे दोस्तों

बच्चे ने लिया मौत का बदला

मेरी शादी उत्तर प्रदेश के एक गाँव में हुई है जो झांसी से 150 किलोमीटर की दूरी पर है | मेरे सास ससुर की मौत कई सालो पहले हो चुकी थी | मेरे सास ससुर की मौत के बारे में गाँव वालो का कहना है कि उन्होंने कई साल पहले जमीन में गढ़े धन को

मौत का कुआ – जहा इंतजार करती है मौत

इस कुंवे के बारे में स्थानीय लोगो का मानना है कि आज से 50 साल पहले इस कुंवे के आस पास के इलाके में काफी अच्छी बस्ती हुआ करती थी लेकिन एक दिन उस कुंवे से पानी भरते हुए एक औरत उस कुंवे में गिर गयी और उस वक़्त वहा कोई भी मौजूद नहीं था

पीछे मत मुड़ना , वरना तुम्हारी मौत तय है

एक रात मै अपने गाँव से मेरे मित्र अवदेश के साथ अंधेरी रात में खेत के रास्ते बस स्टैंड की तरफ जा रहा था तो मेरे मित्र ने कहा ” दोस्त थोडा जल्दी चलो इस खेत से अगले दो खेतो तक थोड़ी समस्या है ” तो मैंने पूछा क्या बात है तो उसने बार बार

पानी के बदले मौत

आज से 10 साल पहले मै अपने मामा के यहा जैसलमेर गया | वहा जाकर पता चला कि यहा तो 2 साल से अकाल पड़ा है और पानी लेने के लिए 5 किलोमीटर जाना पड़ता है | मामा मामी से मिलने के बाद मेरे मामा का लड़का और मै पानी लेने के लिए चल पड़े

प्रेतों के खेल से काँप उठी मेरी रूह

उन दिनों मै बिहार के एक छोटे से गाँव हसनपुर के अस्पताल में कार्यरत था | एक रात अस्पताल में ज्यादा मरीजो की वजह से रात की 12 बज गयी थी | उस रात तेज बारिश हो रही थी | मै भीगते भागते अपने घर पंहुचा | कपड़े गीले हो जाने की वजह से मैं

ऑटो में चुड़ैल के साथ

एक दिन मेरे बॉस ने मुझे कुछ जरुरी काम से रोक लिया और रात के 1:30 बजे बोला “हार्दिक आप को हमारे पेम्पलेट अभी प्रेस पर देने जाना है और दुसरे जो कार्ड्स है उन पर प्रिंटिंग मिस्टेक को चेक करना है“| रात को 2 बजे में प्रेस जाने के लिए ऑफिस से निकला |

वैद्य मामा ने भगाया भूत

मेरे नाना जी, शानदार ज्योतिषी थे इलाके में उन का नाम था। हालांकि उन्हों ने इसे पेशा कभी नहीं बनाया। वो एक कारखाने के मालिक थे। उन के मित्र नामी वैद्य थे। उन की स्वयं की औषध शाला थी और भारतीय जड़ी बूटियों के माध्यम से चिकित्सा पर अधिकार था। उन्हों ने एक आयुर्वेद महाविद्यालय
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