Category: व्रत कथाएँ

Mahamrityunjaya Mantra Hindi | संपूर्ण महामृत्युंजय मंत्र (अर्थ सहित)

Mahamrityunjaya Mantra Hindi (महा मृत्युंजय मंत्र) ☀☀☀☀☀ महा मृत्युंजय मंत्र ☀☀☀☀☀ ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगंधिम पुष्टि वर्धनम उर्वारुकमिव बंधनान मृत्योर मुक्षीय मा अमृतात || भावार्थ :- ” हे त्र्यम्बक वेदरूप पुण्यात्मा परमेश्वर ! मृत्यु के पाश से हमको बचाओ, जन्म-मरण से हमें मुक्त करो और हमको अमृतत्व प्रदान करो. या के = हे ईश्वर, जिनके

Hanuman Chalisa In Hindi | श्री हनुमान चालीसा ( अर्थ सहित )

|| दोहा || श्री गुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुरु सुधारि | बरनऊँरघुवर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि || बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरों पवन-कुमार || बल बुद्धि विद्या देऊ मोहि, हरहु क्लेश विकार || तुलसीदास जी कहते हैं कि गुरु के चरण कमलों की धूल से अपने मन रूपी दर्पण को स्वच्छ कर,

Shiv Vivah Katha | शिव और पार्वती के विवाह की कथा

Shiv Vivah Katha:-जब शिव और पार्वती का विवाह होने वाला था, तो एक बड़ी सुंदर घटना हुई। उनकी शादी बहुत ही भव्य पैमाने पर हो रही थी। इससे पहले ऐसी शादी कभी नहीं हुई थी। शिव – जो दुनिया के सबसे तेजस्वी प्राणी थे – एक दूसरे प्राणी को अपने जीवन का हिस्सा बनाने वाले

Vat Savitri Vrat Katha | वट सावित्री व्रत की कथा

Vat Savitri Vrat Katha (अक्षय तृतीया व्रत कथा) Vat Savitri Vrat Katha:-प्राचीन काल में सदाचारी तथा देव – ब्रहामणों में विश्वास रखने वाला एक धर्मदास नामक वैश्य था। इसके परिवार के सदस्यों की संख्या बहुत ही अधिक थी। जिसके कारण धर्मदास हमेशा बहुत ही चिंतित तथा व्याकुल रहता था। धर्मदास को किसी व्यक्ति ने अक्षय

Somvati Amavasya Vrat Katha | सोमवती अमावस्या

Somvati Amavasya Vrat Katha (सोमवती अमावस्या व्रत कथा) Somvati Amavasya Vrat Katha :-एक गरीब ब्राह्मण परिवार था। उस परिवार में पति-पत्नी के अलावा एक पुत्री भी थी। वह पुत्री धीरे-धीरे बड़ी होने लगी। उस पुत्री में समय और बढ़ती उम्र के साथ सभी स्त्रियोचित गुणों का विकास हो रहा था। वह लड़की सुंदर, संस्कारवान एवं

Vaibhav Laxmi Vrat Katha | वैभव लक्ष्मी व्रत कथा और विधि

Vaibhav Laxmi Vrat Katha (वैभवलक्ष्मी व्रत कथा) Vaibhav Laxmi Vrat Katha:-एक बड़ा शहर था। इस शहर में लाखों लोग रहते थे। पहले के जमाने के लोग साथ-साथ रहते थे और एक दूसरे के काम आते थे। पर नये जमाने के लोगों का स्वरूप ही अलग सा है। सब अपने अपने काम में रत रहते हैं।

Satyanarayan Vrat Katha | श्री सत्य नारायण भगवान जी की व्रत कथा

Satyanarayan Vrat Katha (सत्य नारायण व्रत कथा) पहला अध्याय Satyanarayan Vrat Katha:– एक समय की बात है नैषिरण्य तीर्थ में शौनिकादि, अठ्ठासी हजार ऋषियों ने श्री सूतजी से पूछा हे प्रभु! इस कलियुग में वेद विद्या रहित मनुष्यों को प्रभु भक्ति किस प्रकार मिल सकती है? तथा उनका उद्धार कैसे होगा? हे मुनि श्रेष्ठ !

12 Jyotirling – List – Name | Place | Images

12 Jyotirling:- आज हम आपको यहां पर अपने इस वेबसाईट के माध्यम से आपको भगवान शंकर जी के 12 Jyotirling के बारें विस्तार से बतायेगें । आपको यहां पर सभी 12 Jyotirling की पूरी जानकारी मिल जायेगी। जिससे कि आप 12 Jyotirling के बारे में जान पायेगें कि 12 Jyotirling की क्या काहानी हैं। तो

Govardhan Puja Story | Govardhan Puja ki Katha | गोवर्धन पूजा

Govardhan Puja Story (गोवर्धन पूजा व्रत कथा) Govardhan Puja Story:-एक बार की बात है इंद्र को अपनी शक्तियों पर घमंड हो गया। तब भगवान कृष्ण ने उनके घमंड को चूर करने के लिए एक लीला रची। इसमें उन्होंने सभी ब्रजवासियों और अपनी माता को एक पूजा की तैयारी करते हुए देखा तो, यशोदा मां से
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