Category: Story In Hindi

ऐक्टिंग में ही छुपा था प्यार

जुलाई 2008 का समय था जब मैं और केशव पहली बार मिले थे। मैं कोचिंग की मॉर्निंग फर्स्ट बैच में थी और वो सेकंड बैच में। जब मेरा कोचिंग टाइम होता था तो उसका प्रजेंटिंग टाइम। बस कब हमारी हाय-हैलो से शुरू दोस्ती बेस्ट फ्रेंड्स में बदल गयी पता ही नहीं चला। इस दोस्ती को

अलसाई सुबह ने दिया तोहफा

दो साल हो गए इस शहर में आए। इन सब में पता ही नहीं चला कि मैं कब लखनऊ के रंग में घुल गया। न जाने कब यहां की हवा मुझे बीते दिनों की याद दिलाने लगी। शहर की सभी प्रसिद्ध जगहें देखीं पर इन दो साल में कभी यहां की सुबह नहीं देखी। अक्सर

प्यार नहीं बस दोस्ती ही रही

मैं आठवीं क्लास में पढ़ता था। मेरी क्लास में उस साल एक नई लड़की का एडमिशन हुआ। उसे देखते ही मैं अपना दिल हार बैठा। कितना अनोखा अहसास था वह। उसके सिवा और कोई ख्याल ही नहीं आता। उसका हंसना, बोलना, चलना, मुस्कुराना, सबकुछ… हां सब कुछ मेरी पसंद बनने लगा। फिर कुछ समय बाद

Romance Story In Hindi | प्यार भरी रोमांटिक सच्ची काहांनियाँ

पहला क्रश हमेशा रहेगा याद Romance Story:-मेरी लाइफ में पहला क्रश तब हुआ जब मैं फर्स्ट ईयर में था। मैंने फिजिक्स की कोचिंग जॉइन की थी। पहले दिन हम सभी बच्चे अपनी-अपनी सीट पर बैठे सर का इंतजार कर रहे थे कि तभी एक लड़की ग्रीन टॉप और ब्लैक जीन्स में आई। पहले ही दिन

ताऊ की चालाकी

एक समय की बात है, जब ताऊ जवान हुआ करता था,ताऊ घर पर सोया था, ओर उधर नहर वाले खेत के पास से तीन अजनबी लोग गुजर रहे थे, दोपहर का समय था, ओर आसपास भी कोई नही था,अब तीनो ने सोचा चलो खेत मे चने लगे हे, ओर आसपास भी कॊई नही, ओर हमे

दर्द क्या है

एक बार बहुत से लोगों ने एक सभा का आयोजन किया, विषय था दर्द क्या है। हर कोई अपनी राय देने के लिए स्वतंत्र था। पहले एक डाक्टर महोदय आये और बोले “दर्द मांसपेशियों में खिचाव के कारण उत्पन होता है “। कवि महोदय आये और बोले “दर्द एक अहसास है जो कविता को जन्म

बस भर गई

एक जजमान ने सत्यनारायण कथा कराई, उसके बाद पंडित जी को भोजन ग्रहण करने के लिए कहा . पंडित जी ने खाना शुरू किया और देखते- देखते जब रसोई में खाना लगभग आधा हो गया तो जजमान को चिंता हुई की लगता है आज भूखे ही रहना पड़ेगा, तो वो पंडित जी से बोले “पंडित

गुरु – चेला

एक ज्योतिषी और उसका शिष्य एक जहाज पर यात्रा कर रहे थे। अचानक जोरदार तूफान आ गया । लगा अब जहाज डूब ही जाएगा। लोगों में चीखपुकार मच गई। सब जान बचाने के लिए इधर उधर भागने लगे । पर जाएं तो जाएं कहां । तब ज्योतिषी ने उन लोगों से कहा कि घबराओ नहीं

Majedar kahaniya | Funny Story मजेदार कहानी

जैसे को तैसा Majedar kahaniya:-एक जमींदार के लिए उसके कुछ किसान एक भुना हुआ मुर्गा और एक बोतल फल का रस ले आए. जमींदार ने अपने नौकर को बुलाकर चीजें उनके घर ले जाने को कहा. नौकर एक चालाक, शरीर लड़का था. यह जानते हुए जमींदार ने उससे कहा, “देखो, उस कपड़े में जिंदा चिड़िया

मुकरा

‘लूंगा-लूंगा-लूंगा, कम से कम पांच सौ के ही लूंगा।’ मुकरा ने तो जैसे जिद ही पकड़ ली थी। सुबह से ही वह पांच सौ रुपए की मांग कर रहा था। रामरती परेशान थी। पांच सौ रुपए मुकरा पटाखों में फूंके, वह इसके लिए बिलकुल तैयार नहीं थी। खींचतान के मुश्किल से साढ़े चार-पांच हजार रुपए
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